मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने शारदीय नवरात्र पर भक्तों फलाहारी कराया।
हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल गोरखपुर में सदियों से बनी हुई है :-मोहम्मद रजी
*गंगा-जमुनी की मिसाल पेशकर दिया एकता का संदेश*
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां भक्तों को फलाहार कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पुष्पदंत जैन एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर डा. सत्या पांडेय की उपस्थिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी के हाथों फल मां भक्तों में वितरण किया गया। सांप्रदायिक शहर की स्थापना के उद्देश्य से मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने शारदीय नवरात्र, दुर्गा पूजा एवं दशहरा के पावन अवसर पर मां भक्तों के बीच फलाहारी कराया जाता है। विगत कई वर्षों से नवरात्रि पर देवी भक्तों को मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रजी द्वारा भक्तों में फल का वितरण किया जाता है। इस अनोखी पहल का सभी ने प्रशंसा किया।देवी भक्तों को प्रसाद देकर गंगा- जमुनी तहजीब को चार चांद लगा दिया। इस मौके पर मोहम्मद रजी ने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल गोरखपुर में सदियों से बनी हुई है। मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से गोलघर स्थित काली मंदिर के सामने नवरात्रि की नवमी को फलाहारी का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित देवी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री पुष्पदंत जैन ने कहा कि त्योहार कोई भी हो, वह सभी का होता है। इसमें सभी को मिलजुल कर सहभागी बनने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने नवरात्र में फलाहारी का कार्यक्रम आयोजित कर मिसाल कायम किया है।
इस अवसर पर पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय ने मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि गोरखपुर सदियों से भाईचारा का शहर रहा है। ऐसे में देवी भक्तों के बीच फलाहारी का कार्यक्रम आयोजित कर यकीनी तौर पर सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत देश में सभी मजहब, धर्म और पंथ के लोग भाईचारे के साथ एक दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर खुशियां मनाते हैं।
इस मौके पर महानगर अध्यक्ष अनिल जायसवाल, सद्दाम हुसैन एडवोकेट, कर्रार मिर्जा, मुहम्मद रजा लड्डन खान, बदरुल हक, कहकशां खान, साबिया बानों, अमरनाथ पांडेय, विनोद पाठक, शिवेंद्र पांडेय, मुहम्मद अहमद, मुहम्मद यूनुस, राजू शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।