30 हाफिजों का दस्तारबंदी कार्यक्रम हुआ आयोजित।
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र में अवस्थित,हाथीखाना मस्जिद बेतिया के परिसर में,30 हाफिज ए कुरान का दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकीअध्यक्षता,मुख्य अतिथि,हजरत मौलाना सैयद अहमदवली फैसल रहमानी,
आमिर शरीयत,बिहार, उड़ीसा,झारखंड के साथ
स्थानीय एवं बाहर सेआए हुए वरिष्ठ उलेमा के मुबारक
हाथों से दशतारे फजीलत और पगड़ी बांधी गई।इस प्रोग्राम का शुरुआत,तिलावत कलामपाक और नात से हुआ। इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए,आमिरशरीयत ने कलाम पाक की विशेषता और हाफिज ए कुरान के बुलंद मकाम पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला,इन्होंनेआगे कहा कि आज के इस दौड़ में
चारों तरफ भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है,ऐसे दौर में,इन 30 हाफिज कुरान नेअपने सीने में इस पवित्र कुरान को अल्लाह के लिए सुरक्षित कर लिया है,यहआज के दौर में बहुत बड़ा करिश्मा है,जो आने वाले समाज,मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत लाभदायक है। मुख्यअतिथि ने इन 30 हाफिज ए कुरान के माता-पिता को बहुत मुबारकबाद देते हुए कहा कि उन लोगों नेअपने बच्चों को दीन और मिल्लत की सेवा करने के लिए समर्पित कर दिया है,यहआज के इस भ्रष्टयुग के लिए प्रेरणादायक है।इस कार्यक्रम में उपस्थित अन्य उलमाओं ने भीअपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इल्मदीन हासिल करना
एक बहुत बड़ी चुनौती है, इस तरह के शिक्षा प्राप्त करने के बाद समाज में सुधार,मदरसों की बुनियादी आवश्यकताओं,और इन मदरसों के द्वारा दीनी तालीम हासिल करके उच्च कोटि के शिक्षा प्राप्त कर,डॉक्टर, इंजीनियर,प्रोफेसर,शिक्षक, शिक्षाविद,साइंटिस्ट,और सिविल सेवा परीक्षा पास करके बड़े-बड़े पदों पर आसीन होना उनका परम कर्तव्य बन जाता है,जो अपने जीवन शैली से दूसरों को लाभ पहुंचाने की क्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का
काम करेंगें।इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में मौजूद बच्चों के माता पिता, गार्जियन,इष्ट मित्र,सगे संबंधी,पास पड़ोस के रहने वालों के नेत्र नम हो गए। उपस्थित लोगों ने इन बच्चों के लिए दुआए,मुबारकबाद देने के नारे बुलंद होते रहे। इस कार्यक्रम का समापन अमीरेशरियत के दिल से
निकली हुई दुआओं,मुल्क और मिल्लत की सलामती अमनअमान कीअपील के साथ खत्म हुआ।