पपुरना ग्राम पंचायत के 5 वर्षों के विकास कार्यों पर प्रशासनिक एक्शन।
मनरेगा, एफएफसी और एसएफसी मद से कराए कार्यों की होगी जांच
-रिकॉर्ड तलब; जांच पूरी होने तक भुगतान प्रक्रिया पर रोक
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
जयपुर, राजस्थान।
झुंझुनूं जिले की खेतड़ी पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत पपुरना में पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। महात्मा गांधी नरेगा योजना के अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद झुंझुनूं द्वारा जारी आदेश के बाद पंचायत में हड़कंप मच गया है। आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत पपुरना में मनरेगा, एफएफसी और एसएफसी मद से कराए गए सभी कार्यों की राज्य स्तरीय जांच करवाई जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग जयपुर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। विभागीय आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत पपुरना में बीते पांच वर्षों के दौरान हुए समस्त विकास कार्यों की जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच दल को सभी रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत पपुरना की संबंधित आईडी बंद रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं। इससे पंचायत स्तर पर होने वाले भुगतान और ऑनलाइन प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक कैलाश चंद्र यादव द्वारा विकास अधिकारी, पंचायत समिति खेतड़ी को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि जांच दल को हर प्रकार का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध करवाया जाए तथा जांच पूरी होने तक एफएफसी और एसएफसी मद से संबंधित आईडी बंद रखना सुनिश्चित किया जाए। सूत्रों की मानें तो पंचायत में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचा और अंतत: राज्य स्तरीय जांच समिति गठित करनी पड़ी। आदेश जारी होने के बाद पंचायत क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीण अब जांच से बड़े खुलासे होने की उम्मीद जता रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में भी इस कार्रवाई को बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन तभी किया जाता है जब शिकायतों में प्रथम दृष्टया गंभीरता नजर आती है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है ।