न्यायालय ने सुनाया फैसला, हत्या के मामले में महिला को आजीवन कारावास की सजा।
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने प्रेमप्रसंग में प्रेमी की हत्याकर नहर के किनारे फेंक देने के मामले में जिलाअपर सत्र न्यायाधीश,प्रभाकर दत्तमिश्रा ने 35 वर्षीय एक महिला अभियुक्त,सुशीला देवी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दोषसिद्ध महिला को भारतीय दंड संविदा की धारा 302 में सजा सुनाई।न्यायाधीश ने ₹10 हजार जुर्माना भी देने काआदेश दिया है। सजाई याफत्ता,सुशीला देवी,बैरिया थाने के लौकरिया मुर्गाही गांव निवासी जुन्नाशाह की पत्नी बताई गई है। लोक अभियोजक राम नगीना प्रसाद ने संवाददाता को बताया कि इस घटना के सूचक को नौतन थाना के तत्कालीन थानाअध्यक्ष, खालिदअख्तर थे। 21 दिसंबर 2023 को उन्हें सूचना मिली कि ख़ापतोला गम्हरिया बलुआ जाने वाली नहर के पास एक शव लावारिसअवस्था में पड़ा हुआ है।उक्त सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचक्कर स्वयं बयान के आधार पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मृतक की पत्नी,सविता देवी ने शव के पास जाकर पहचान कर अपने पति विजय प्रसाद के रूप में की थी। पुलिस द्वारा अनुसंधान के क्रम में यह मालूम हुआ कि सुशीला देवी नौतन थाना के गम्हरिया निवासी,विजय प्रसाद को अपने प्रेमजाल में फंसा कर उसे लगातार रुपए वसूल कर रही थी।