सूर्य नमस्कार के मुद्दे पर जमियत उलेमा-हिन्द की राज्य कार्यकारिणी की बैठक।
वसीम अकरम
जयपुर, राजस्थान।
जमियत उलेमा-हिन्द भारतीय मुसलमानों का प्राचीन संगठन है। स्वतंत्रता संग्राम में जमियत की अहम् भूमिका है। सम्पूर्ण भारत वर्ष में जमियत का विशाल कैडर स्थापित है। राजस्थान सरकार ने दिनांक 23.01.2024 को एक आदेश जारी कर दिनांक 15.02.2024 सूर्य सप्तमी के उपलक्ष्य में विशाल स्तर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन का आदेश जारी किया है, जिसका मुस्लिम समुदाय विरोध कर रहा है।
बहुसंख्यक हिन्दु समाज में सूर्य की भगवान/देवता के रूप में पूजा की जाती है। इस अभ्यास में बोले जाने वाले श्लोक और प्रणामासन्न, अष्टांगा नमस्कार इत्यादि क्रियाएँ एक इबादत का रूप है और इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवाय किसी अन्य की पूजा अस्वीकार्य है। इसे किसी भी रूप या स्थिति में स्वीकार करना मुस्लिम समुदाय के लिये सम्भव नहीं है।
इस विषय पर जमियत उलेमा-हिन्द की राज्य कार्यकारिणी व अन्य विशिष्ट अतिथियों की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 12.02.2024 को प्रातः 10:00 बजे मुस्लिम मुसाफिर खाना, मोती डूंगरी रोड़, जयपुर के मीटिंग हॉल में आयोजित होगी। यह सूचना देते हुये जमियत उलेमा-हिन्द के प्रदेश महासचिव अब्दुल वाहिद खत्री ने बताया कि इस बैठक में प्रदेश भर से करीब 50 अहम सदस्य भाग लेंगे और सामाजिक, शैक्षणिक व संगठनात्मक मुद्दों के अलावा महत्वपूर्ण मुद्दा सूर्य नमस्कार का रहेगा।
उल्लेखनीय है कि जमियत उलेमा-हिन्द व सभी मुस्लिम संगठन सूर्य नमस्कार का विरोध करते रहे हैं, इसलिये जमियत की इस बैठक में कोई महत्वपूर्ण फैसला लिये जाने की उम्मीद है।