कर्बला के शहीदों की याद में गौसे आज़म फाउंडेशन ने बांटा शर्बत, दिया इंसानियत और भाईचारे का संदेश।
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
पवित्र माह मोहर्रम की 5वीं तारीख को कर्बला के अमर शहीदों की याद में गौसे आज़म फाउंडेशन (GAF) द्वारा गोरखपुर में शर्बत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने राहगीरों, जरूरतमंदों और आम नागरिकों को शर्बत पिलाकर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफ़ादार साथियों की कुर्बानियों को याद किया तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने शर्बत ग्रहण किया और कर्बला के महान संदेश को याद किया। फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का महीना नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, सब्र और इंसानियत के लिए संघर्ष की प्रेरणा देने वाला पवित्र अवसर है। कर्बला की घटना पूरी मानवता को यह शिक्षा देती है कि अन्याय और अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए तथा हर परिस्थिति में सत्य और न्याय का साथ देना चाहिए।
गौसे आज़म फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष समीर अली ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने कर्बला की तपती रेत पर अपने परिवार और साथियों के साथ जो अद्वितीय कुर्बानी पेश की, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। उनका संदेश किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि कर्बला हमें सब्र, त्याग, साहस, इंसाफ और मानव सेवा की सीख देती है। मोहर्रम के अवसर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी सौहार्द, एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि गौसे आज़म फाउंडेशन लगातार सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक सेवा और सद्भाव का संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। शर्बत वितरण कार्यक्रम भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से लोगों को कर्बला की शिक्षाओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं और युवाओं को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। शर्बत वितरण के दौरान लोगों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर हाफिज मोहम्मद शारिक, अहसन खान, नूर मोहम्मद, सैय्यद शहाबुद्दीन, जुनेद खान, नाज़िम, अहमद, जुबेर, फ़ुज़ैल शेख सहित फाउंडेशन के अनेक सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर समाज में अमन, शांति, एकता और इंसानियत के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का समापन कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तथा देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआ के साथ किया गया। गौसे आज़म फाउंडेशन की इस सराहनीय पहल ने मोहर्रम के पवित्र अवसर पर मानवता, सेवा और सामाजिक सद्भाव का एक प्रेरणादायक संदेश जन-जन तक पहुंचाया।