तथागत बुद्ध वर्ण व्यवस्था के विरुद्ध थे:प्रो यादव
अर्जक संघ ने मनाया मानवता दिवस।
विनोद विरोधी
गया, बिहार।
तथागत बुद्ध वर्ण व्यवस्था,छुआछूत , चमत्कार आदि के विरोधी और मानव- मानव में समता के पक्षधर थे। इसलिए अर्जक संघ इस अवसर पर उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष 15 मई को मानवता दिवस मनाता आ रहा है। उक्त विचार आज शहर के एस एस कालोनी स्थित मास्टर एकेडमी में संघ के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद राय की अध्यक्षता में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अर्जक संघ के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो राम कृष्ण प्रसाद यादव ने व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी कहा कि तथागत बुद्ध आत्मा,पुनर्जन्म ,भाग्यवाद के भी विरोधी थे। वे विचार और आचार को यदि हम अमल में लाएंगे तो मानववादी व्यवस्था की स्थापना हो सकेगी। अर्जक संघ के संस्थापक महामना राम स्वरूप वर्मा जातिविहीन और धर्मविहीन समाज की स्थापना करना चाहते हैं।
समारोह का संचालन सांस्कृतिक समिति के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र पथिक कर रहे थे।
समारोह को अन्य अर्जकों के अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश कुमार वर्मा,शिशुपाल कुमार, विनोद विरोधी, रवि मेहता, अजय विद्यार्थी, टुन्ना बौद्ध , ज्ञांती साह, भरत पाल, अविनाश कुमार, जितेंद्र कुमार समाज, मनोज कुमार, संजय बौद्ध,रणजीत कुमार, आदि वक्ताओं ने तथागत बुद्ध के सिद्धांत और विचारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अर्जक संघ वास्तव में बुद्ध के आचार विचार पर आधारित मानववादी संगठन है।इससे ही देश और समाज में शांति और समृद्धि स्थापित हो सकती है।
वक्ताओं ने कहा कि अर्जक संघ की संस्कृति और मानववादी व्यवस्था लाने के लिए संकल्पित हैं।