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Fri, 17 Apr 2026 07:29 AM

बिहार राज्य का दुर्भाग्य, मिडिल फैल बिहार के मुख्यमंत्री बने, इनका चाल, चरित्र,चेहरा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होना स्वाभाविक, चर्चा का विषय: सुरैया सहाब

शहाबुद्दीन अहमद

बेतिया, बिहार

बिहार में नए मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण कर लिया, इनके साथ ही दो उपमुख्यमंत्री ने भी शपथ लिया।शपथग्रहण समारोह में सैकड़ो की संख्या में पार्टी के नेताओं,कार्यकर्ता उपस्थित रहे,मगर इस शपथग्रहण समारोह में न तो प्रधानमंत्री गृह मंत्री और न हीअन्य कैबिनेट मंत्री ही उपस्थित रहे यह एक अनोखा शपथ ग्रहण समारोह रहा,क्योंकि 20 वर्षों से कार्यरत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री,नीतीश कुमार ने अपने पद से त्यागपत्र दिया। नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी कोआसीन कर भाजपा की सरकार बना दी।

नीतीश कुमार की जिद,कड़ी शर्त के सामने प्रधानमंत्रीऔर गृह मंत्री को झुकना पड़ा, जिससे सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री बने,यही कारण है कि प्रधानमंत्री,गृह मंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्री शामिल नहीं हुए।शपथ ग्रहण के दौरान तीन बार सम्राट चौधरी ने गलती की,सही उच्चारण नहीं किया,यहीअनपढ़ की निशानी बनी,अब देखना यह होगा कि मिडिल क्लास फेल यह मुख्यमंत्री बिहार के विकास को कहां तक पहुंचाएंगे,यहआने वाला समय में बिहारवासियों को पता चलेगा।बिहार में पहली बार भाजपा पार्टी की मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने शपथ लिया, भाजपा का कई वर्षों से सपना देखना साकार हो गया।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ वह कौन सी समस्या उत्पन्न हो गई,जिसके कारण वह मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा सांसद बनने को तैयार हो गए,यह एकअनबूझी पहेली है,इसके पीछे कौन सा कारण हो सकता है,यहआने वाला समय खुद बता देगा।समय, परिस्थिति मनुष्य को इस तरह के कदम उठाने पर मजबूर कर देती है।बिहार का विकास की क्या स्थिति होगी, बिहारवासियों को समझ से परे प्रतीत हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री,नीतीश कुमार का सपना साकार होगा या नहीं,

यह बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है,अब नीतीश कुमार का बिहार का सपना अधूरा रह जाएगा।बिहार के 90%जनता नए मुख्यमंत्री के आयाम से अवगत हैं,इनका चाल,चरित्र,चेहरा सब चर्चा का विषय बना हुआ है,नए मुख्यमंत्री के पास शायद कोई विकास का रोड मैप नहीं है,बिहार के विकास में सिर्फ नकारात्मक सोच रखते हैं,सिर्फ सपना दिखाने की प्रवृति रखते हैं।बिहार के गृह मंत्री के पद पर रहकर इन्होंने जो काम अंजाम दिया है, वह बिहार वासियों के सामने झलक रहा है।उनके साथ मंत्रिमंडल में अभी केवल दो उपमुख्यमंत्री शपथ लिए हैं जिनमें बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी,इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है,इस मंत्रीमंडल विस्तार में भाजपा,जदयू औरअन्य सम्मिलित दल के कौन-कौन विधायक मंत्री के रूप में शपथ ले सकेंगे,वह तोआने वाले समय ही बता पाएगा।

शपथ ग्रहण एवं मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बिहार का कौन सा रूप सामनेआएगा

यह बिहारवासियों के लिए कुछअभूतपूर्व ही नजरआ रहा है।भाजपा नेतृत्व वाली सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री नेतृत्व काल में विभिन्न विभागों में विकास की क्या गतिविधि रहेगी, वह एक वित्तीय वर्ष 2026-2027 में ही इसका सहीअंदाजा सामने आ सकेगा।भाजपा नेतृत्व वाली बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिशा निर्देश में चलने वाली सरकार कितने दिनों तक टिक पाएगी,यह आने वाले समय मेंअंदाजा लग जाएगा।भाजपा समर्थन वाले अन्य दलों के नेताओं की जो मंत्री बनेंगे,उनका क्या गतिविधि रहेगी,यह बिहार वासियों को नजर आजाएगा।अगर सब कुछ पूर्णकाल तक ठीक-ठाक चला तोआने वाले विधानसभा चुनाव में,किस पार्टी की सरकार बनेगी,इनकी क्रियाकलापों पर निर्भर करेगी।इस सरकार का विकास और क्रियाकलाप ठीक-ठाक रहा तोआने वाले चुनाव में इनकी प्रणवृति हो सकती है,अगर इनके कार्यकाल में बिहार का विकास एवंअन्य क्रियाकलाप सही नहीं रहा तोआने वाले चुनाव में बिहार में गठबंधन की सरकार बनना तय माना जाएगा।

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