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Wed, 01 Apr 2026 12:53 PM
धार्मिक / Mar 30, 2026

दारुल कुरआन शिक्षण संस्था का शुभारंभ।

इस्लाम में शिक्षा का महत्व सर्वोपरि : उलमा किराम

सैय्यद फरहान अहमद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

तुर्कमानपुर में दारुल कुरआन शिक्षण संस्था का शुभारंभ मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी, शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी, कारी सरफुद्दीन मिस्बाही ने किया। उन्होंने कहा कि इंसानी जिंदगी में शिक्षा का सबसे अधिक महत्व है। शिक्षा के बगैर इंसान का विकास संभव नहीं है। समाज के भीतर शिक्षा की बेदारी लाई जाए। जब तक लोग शैक्षणिक दृष्टिकोण से जागरूक नहीं होंगे, तब तक सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। 

दारुल कुरआन के वरिष्ठ शिक्षक हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि इस्लाम इल्म का मजहब है लिहाजा बच्चों को शिक्षा जरूर दिलाएं। कुरआन एक ऐसी किताब है जो बताती है कि कैसे जिंदगी गुजारना है। हर बात का जिक्र इसमें है। दारुल कुरआन में बच्चे शिक्षा हासिल करने के साथ जिंदगी गुजारने का सलीका भी सीखेंगे। अनुभवी शिक्षकों के जरिए बच्चों को दीन व दुनिया की बुनियादी शिक्षा के साथ तीन वर्ष के अंदर मुकम्मल कुरआन-ए-पाक याद करवा दिया जाएगा। दारुल कुरआन में दस अप्रैल तक ही कुल तीस सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। शहर में जहां-जहां दारुल कुरआन की जरुरत होगी। वहां भी यह दारुल कुरआन कायम करके बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जाएगी। 

दारुल कुरआन के वरिष्ठ शिक्षक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि इस्लाम शिक्षा का अलमबरदार है वो चाहता कि समाज में शिक्षा आम हो और जहालत खत्म हो। शिक्षा न होने की वजह से समाज में बुराई पैदा होती हैं। इल्म के प्रति गफलत कौमों को बर्बाद कर देती है। 

चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर के इमाम मौलाना महमूद रजा कादरी ने कहा कि इस्लाम में शिक्षा का महत्व सर्वोपरि है। इस्लाम ने शिक्षा हासिल करने की बड़ी ताकीद की है, इसलिए हमें अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा दिलानी चाहिए। शिक्षा हासिल किए बिना मुकम्मल इंसान नहीं बना जा सकता। 

इस मौके पर जलालुद्दीन, मुहम्मद जैद, मुहम्मद अलीशान, मुहम्मद जावेद, मुहम्मद शम्स, इब्राहीम, मुदस्सिर, मुहम्मद जीशान, अब्दुस्समद, मुहम्मद शाद, मुहम्मद सफियान, मुजफ्फर हसनैन‌ रूमी, आदि मौजूद रहे।

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Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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