गो-माता की सेवा से ही प्रभु का सानिध्य संभव - स्वामी डा. विनय
-शहर के गीता प्रेस अतिथि भवन में चल रही श्रीमद् - भागवत कथा चौथा दिन
- संगीतमय भजनों पर मुग्ध रहे श्रोता, भगवान वामन प्रसंग पर गूंजी जयकार
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
शहर के गीता प्रेस अतिथि भवन में स्वामी डा. विनय ने कहा कि गो- माता की सेवा से ही भगवान की सानिध्य संभव है। गो-माता की कृपा से सहज रूप से प्राप्त होती है। जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव का संचार होता है। आत्मिक सुख व शांति मिलती है। कथा से न केवल भक्ति भाव में वृद्धि होती है, बल्कि जीवन के सच्चे उद्देश्यों का बोध भी प्राप्त होता है।
गोवत्स स्वामी सोमवार को श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन का प्रसंग सुना रहे थे। उन्होंने कहा कि पावन कथा हमें गो माता की महिमा, उनकी सेवा के महत्व और भक्ति मार्ग की गहराइयों से परिचित कराती है। यदि गो माता के पंचगव्य से निर्मित खीर न रहा होता तो शायद रघुकुल में राम का जन्म नहीं हुआ होता। भगवान वामन की कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा प्रभु सभी के एकमात्र पालनहार है। जिससे प्रभु भक्ति को अपना लिया उसका जीवन सफल है। भक्ति से विवेक बढ़ता है जो सद्कर्मों के प्रति प्रेरित करता है।भगवान ने अपने मुखारविंद से कहा कि मैं धेनु की रक्षा के लिए जन्म लिया हूं लेकिन आज देश में धेनु संकट में है इसलिए हमें भारत को बचाने के लिए , भारत को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए धेनु की रक्षा करना होगा। राष्ट्र में गो हत्या पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगानी होगी और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना होगा। संगीतमय भजन सुनकर श्रोता मुग्ध अंत में गो माता की आरती हुई। गायक निधि श्रीवास्तव ने संगीतमय भजनों से प्रभु का गुणगान कराया। चंद्रभूषण तिवारी उर्फ फरसा बाबा, बलराम अग्रवाल, सुरेश सुदरानिय, शुभकरन शर्मा, अनिल सिंह, अखिलेश्वर धर द्विवेदी, दुर्गेश,राघवेन्द्र श्रीवास्तव,वंदना, पूनम गुप्ता,रुक्मिणी पांडेय सहित अनेक श्रोता मौजूद रहे।
---------------------- कथा में श्रीराम जन्मोत्सव प्रसंग आज
-शहर के गीता प्रेस अतिथि भवन में चल रही कथा में मंगलवार को शाम चार बजे से पांचवें दिन की श्रीराम जन्मोत्सव प्रसंग कथा होगी। चार सितंबर वार को सुबह सात बजे पूजन होगा। शाम को कथा का समापन होगा।