तीसरा रोज़ा : अल्लाह को महबूब है माह-ए-रमज़ान।
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
रोज़ेदार बंदों ने गुरुवार का दिन अल्लाह की रज़ा में गुजारा। भूख प्यास के बीच रोज़ेदार अल्लाह का शुक्र अदा कर रहे हैं। खुशनसीब मुसलमान एक साथ तीन फ़र्ज़ अदा कर रहे हैं, नमाज़ भी पढ़ रहे हैं, रोज़ा भी रख रहे हैं और जो मालिके निसाब हैं वह ज़कात भी अदा कर रहे हैं। मस्जिदों व दरगाहों पर सामूहिक रूप से इफ्तार हो रही है। माह-ए-रमज़ान का तीसरा रोज़ा भी अल्लाह की इबादत में बीता। चारों तरफ रमज़ान का नूर छाया हुआ है। अल्लाह के बंदे दिन में रोज़ा रखकर व रात में तरावीह की नमाज़ अदा कर अल्लाह को राज़ी करने में लगे हुए हैं। क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी है। नफ्ल नमाज़ें सलातुल तस्बीह, चाश्त, तहज्जुद, इशराक, सलातुल अव्वाबीन आदि पढ़ी जा रही हैं। नबी व आले नबी पर दरूदो-सलाम का नज़राना पेश किया जा रहा है। सुबह सहरी के लिए मस्जिद से रोज़ेदारों को जगाने के लिए सदाएं दी जा रही हैं। इफ्तार के वक्त मस्जिदों से रोज़ा खोलने का डंका बज रहा है। मस्जिदों की सफें नौजवानों, बुजुर्गों व बच्चों से भरी नज़र आ रही हैं। घरों में महिलाएं इबादत के साथ किचन व बाज़ार से खरीदारी की जिम्मेदारियां उठा रही हैं।बाजारों में खूब चहल पहल है। हर तरफ रमज़ान का फैज़ान जारी है।
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