अटूट गुरु भक्ति, दृढ़ संकल्प और शिव कृपा से जीवन बनता है सुंदर - पंडित प्रदीप मिश्रा
धनंजय कुमार शर्मा
बलिया: उत्तर प्रदेश।
बाबा बालखंडी नाथ धाम, दिउली में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आयोजकत्व में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि अटूट गुरु भक्ति, दृढ़ संकल्प और भगवान शिव पर अटूट विश्वास जीवन को सुखी, संस्कारवान और वैभवशाली बना देता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य के भीतर आडंबर समाप्त होकर सहजता और सरलता आती है, तब भोलेनाथ की कृपा स्वतः बरसने लगती है। मानव जन्म की महत्ता बताते हुए कहा कि 84 लाख योनियों में केवल मनुष्य योनि ही ऐसी है, जिसमें भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने वर्षा की बूंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सीप में गिरकर वही बूंद मोती बन जाती है, उसी प्रकार शिव कृपा से जीवन भी अनमोल बन सकता है। पंडित मिश्रा ने समुद्र से सीख लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र अनुपयोगी वस्तुओं को बाहर कर देता है और बहुमूल्य रत्नों को अपने भीतर सुरक्षित रखता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी दूसरों के दुख-दर्द और विश्वास को हृदय में संजोकर रखना चाहिए। दक्षिणामूर्ति स्वरूप का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान शिव ने सनक, सनंदन, सनातन और सनत्कुमार ऋषियों की शंकाओं का समाधान मौन रहकर किया और आदिगुरु के रूप में ज्ञान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान और आंतरिक शांति का मार्ग मौन और साधना से होकर गुजरता है। उपमन्यु ऋषि और पशुपति व्रत का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि बालक उपमन्यु की अटूट शिव भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अक्षय संपदा और ज्ञान का वरदान दिया। बाद में भगवान श्रीकृष्ण ने भी उपमन्यु ऋषि के निर्देश पर पशुपति व्रत का पालन कर संतान सुख प्राप्त किया। ताड़कासुर के प्रसंग के माध्यम से पंडित मिश्रा ने कहा कि केवल भगवान ही भक्तों के लिए नहीं, बल्कि सच्चे भक्त भी अपने आराध्य के लिए सर्वस्व न्योछावर करने को तत्पर रहते हैं। उन्होंने ताड़कासुर के त्याग को भगवान के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण बताया। कथा के अंत में भगवान गणेश और रिद्धि-सिद्धि विवाह प्रसंग का मंचन किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, मंत्री मनोज पांडेय, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, मंत्री दयालु मिश्रा, पूर्व मंत्री नारद राय आदि ने भगवान शिव की आरती की।