सहयोग से समाधान' अभियान के जरिए प्रशासन पहुंचा जनता के द्वार।
मोहम्मद ग़ुलाम सरवर
जमुई, बिहार ।
आम जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से आज जमुई जिले की सूचीबद्ध बीस पंचायतों में 'सहयोग शिविर' का अत्यंत सफल आयोजन किया गया। भीषण गर्मी और तपती धूप की परवाह न करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इन शिविरों में पहुंचे। विभिन्न विभागों के काउंटरों पर जहां एक तरफ नई शिकायतें दर्ज कराने के लिए लोगों की लंबी कतारें दिखाई दीं, वहीं दूसरी तरफ पहले से दर्ज शिकायतों का समाधान होने के बाद अपने प्रमाण-पत्र और विभागीय लाभ लेने के लिए भी बड़ी संख्या में लाभार्थी इन शिविरों में एकत्रित हुए। त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के चलते आज यह अभियान धरातल पर पूरी तरह सफल साबित हुआ और इसे लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया।
इन शिविरों में प्रशासनिक व्यवस्था और जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए जिले के प्रभारी सचिव डॉ. कौशल किशोर (भा.प्र.से.) ने जमुई प्रखंड के मझवे, बरहट प्रखण्ड के बरियारपुर और लक्ष्मीपुर प्रखंड के काकनचोर पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीधे जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि जनता की समस्याओं का 'सहयोग से समाधान' करने की दिशा में बिहार सरकार का यह अभियान आम जनमानस के जीवन को आसान बनाने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य मकसद आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना और प्रशासन को सीधे उनके दरवाजे पर लाकर तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से कार्य करना है। यह अभियान सही मायनों में प्रशासन को जनता के प्रति अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाते हुए सरकार के 'सबका सम्मान, जीवन आसान' के वास्तविक संकल्प को जमीन पर उतार रहा है।
इस विशेष अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) ने बेहद सरल और सहज भाषा में ग्रामीणों को 'सहयोग पोर्टल' की तकनीकी कार्यप्रणाली और इसकी मजबूत मॉनिटरिंग व्यवस्था से अवगत कराया। जिला पदाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल कागजों पर शिकायतों का निष्पादन करना नहीं, बल्कि आम जनता को शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रदान करना है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस पूरे पोर्टल की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से की जा रही है, जहां स्वयं मुख्यमंत्री इस अभियान की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि ये शिविर तब तक अलग-अलग चरणों में निरंतर जारी रहेंगे, जब तक नए आवेदनों का आना पूरी तरह से बंद नहीं हो जाता। जिला स्तर की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जबकि राज्य स्तर से जुड़े मामलों को अधिकतम तीस दिनों के भीतर संबंधित उच्च विभाग को भेजा जा रहा है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल (भा.प्र.से.) ने भी आम लोगों को सुरक्षा और पुलिस प्रशासन के सहयोगात्मक व मित्रवत रवैये का पूरा भरोसा दिलाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इन सहयोग शिविरों का असल मकसद जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को पूरी तरह मिटाना और आपसी विश्वास को मजबूत करना है, जिसके लिए जमुई पुलिस नागरिकों की सुरक्षा और सहायता हेतु हमेशा तत्पर है।
आज के आयोजित इन सहयोग शिविरों के माध्यम से लोगों ने न केवल अपनी नई शिकायतें दर्ज कराईं, बल्कि पूर्व में 'सहयोग पोर्टल' पर की गई शिकायतों के समाधान के रूप में जरूरी सरकारी प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और अन्य महत्वपूर्ण विभागीय लाभ भी मौके पर ही हासिल किए, जिससे जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति एक नया विश्वास जागा है।