Tranding
Wed, 15 Apr 2026 03:36 AM

गोरखपुर में सामूहिक विवाह, 51 जोड़े सात फेरों में बंधे, नवदंपतियों को मिला सामाजिक संबल।

सेराज अहमद कुरैशी

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

गरीब, निर्धन, असहाय और जरूरतमंद परिवारों की 51 बेटियों का सामूहिक विवाह मंगलवार को गोरखपुर में भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन के साक्षी शहर के सैकड़ों संभ्रांत व प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक बने। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह सामूहिक विवाह एक नई आशा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया गया। फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मोदी ने कहा कि समाज को बेटियों की हर आवश्यकता पूरी करने के लिए आगे आना चाहिए। “सब कुछ भगवान या सरकार पर छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। हमें अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए बेटियों का कन्यादान कर पुण्य का भागीदार बनना चाहिए,” उन्होंने कहा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “सिर्फ बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ ही नहीं, बल्कि बेटी अपनाओ, घर बसाओ का संदेश भी समाज में बुलंद होना चाहिए।”

सुधा मोदी ने बताया कि सामूहिक विवाह में नवदंपतियों को गृहस्थी की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि इस समारोह में नेपाल की दो बेटियों के भी हाथ पीले हुए, जो आयोजन की व्यापकता और मानवीय संवेदना को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि उनके मन में बेटियों के विवाह की कल्पना करीब दस वर्ष पहले जन्मी थी। शुरुआती दौर में एक-दो बेटियों के विवाह की व्यवस्था हो पाती थी, लेकिन समाज से बढ़ते सहयोग और विश्वास के चलते आज यह संख्या 51 तक पहुंच गई है, जो उनके लिए अत्यंत सुखद और प्रेरक अनुभव है।

कार्यक्रम के दौरान भरोहियां ब्लॉक के प्रमुख भाजपा नेता संजय सिंह ने कहा कि समाज में अभी भी व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। संभ्रांत लोगों को आगे आकर बिना दहेज विवाह को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह को बढ़ावा देकर ही दहेज जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि आयोजन में शामिल सभी अतिथियों, बारातियों और आमंत्रित मेहमानों के लिए भोज की व्यवस्था भी की गई थी। यह आयोजन केवल विवाह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेटियों के सम्मान, गरिमा और सामाजिक स्वीकार्यता का उत्सव बना। कन्याओं का चयन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों—कुशीनगर, हाटा, महाराजगंज, बस्ती सहित अन्य क्षेत्रों—में मौके पर जाकर किया गया।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
24

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap