टोरी रेलमार्ग पार भंडारगढ़ा गांव के बीमार ग्रामीण बड़ी मुश्किल से पहुंचते हैं अस्पताल, नहीं है अंडरपास।
*एम्बुलेंस गांव नहीं पहुंचती, खटिया डोली से रेलवे लाईन पार करते हैं बिमार ग्रामीण, रेलवे लाईन से घिरा हुआ है भंडारगढ़ा गांव*
*खटिया का व्यवस्था की, पड़ोसियों को बुलाया, बिमार को खटिया में सुलाकर उसे घर से पैदल रेलवे लाईन पार कर एम्बुलेंस तक लाया*
*अंडरपास बनाने की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्य अयुब खान के नेतृत्व में लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं किसान*
भारत समाचार न्यूज एजेंसी
*टोरी जंक्शन/चंदवा, लातेहार, झारखंड।
टोरी रेलवे लाइन पार भंडारगढ़ा गांव के बीमार ग्रामीणों को काफी मुश्किल से अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है, बिमार ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए रेल लाईन पार कराने के लिए खटिया डोली का सहारा लेना पड़ रहा है, यह स्थिति अंडरपास नहीं होने के कारण उत्पन्न हुई है।
ताजा मामला सोमवार की है जब ग्राम भुसाढ़ की भंडारगढ़ा गांव निवासी गोइंदा गंझु की तबीयत बिगड़ गई, उसे ईलाज के लिए सीएचसी ले जाने के लिए परिजनों ने खटिया की व्यवस्था की, फिर पड़ोसीयों को बुलाया, दर्जन भर लोग जुटे, फिर खटिया में सुलाकर घर से पैदल लेकर निकले, बुलाई गई 108 एम्बुलेंस रास्ता नहीं होने के कारण लाईन इसपार टोरी जंक्शन के पूर्वी, टोरी - महुआमिलान स्टेशन के बीच, भंडारगढ़ा - परसाही के निकट रेलवे पोल संख्या 182/28 एवं 182/29 के समीप ही खड़ी रह गई, परिजन उसे खटिया डोली में सुलाकर रेलवे लाईन पार कर उसे एम्बुलेंस तक पहुंचाया।
पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने बताया कि गांव तक आने जाने के लिए कोई व्यकल्पिक रास्ता नहीं है, इस रास्ते से आना जाना करने वालों की जान - माल का खतरा हमेशा बना रहता है, ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पंसस अयुब खान ने बताया कि चारों तरफ से रेलवे लाईन से भंडारगढ़ा गांव घिरा हुआ है, यह गांव सम्पर्क रास्ता से कटा हुआ है, यहीं से बिमार गोइंदा गंझु को भी खटिया में सुलाकर उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों को लगा कि रेल लाइन बढ़ने से यहां अंडरपास का निर्माण होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेलवे विभाग सिर्फ अपनी आय बढ़ाने पर लगा हुआ है, बरसात में गांव टापू बन जाता है, अंडरपास का निर्माण नहीं कर रेलवे विभाग द्वारा कई तकलीफें खड़ी कर दी गई है, परसाही - भंडारगढ़ा बीच रेल लाइन पार कर निकलने वाले एक मात्र रास्ते पर अंडरब्रिज पास नहीं होने के कारण इस रास्ते से आना जाना करने वाले कई गांवों के सैंकड़ों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आजादी के पहले से ग्रामीण स्कूल, कॉलेज, शहर, बाजार के साथ साथ तिलैयादामर, तुरी सोंत, मरमर, फुलटांड़, लोहसिंगना, महुआमिलन, पिपराही , भंडारगढ़ा गांव से आने वाले लोग इसी रास्ते से पैदल आवागमन करते रहे हैं। इस रास्ते पर अंडरब्रिज पास निर्माण के लिए पंचायत समिति सदस्य अयुब खान के नेतृत्व में लगातार किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, इसको लेकर अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी दिया गया लेकिन अबतक अंडरब्रिज पास का निर्माण नहीं की गई है, अंडरब्रिज पास का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है, पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने रेलवे जीएम और धनबाद डीआरएम से इस स्थान पर जल्द से जल्द अंडरपास बनवाने की मांग किया है।