एनडीए गठबंधन के हम ( से) सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री बिहार जीतन राम मांझी ने खुले मंच से वोट चोरी की पुष्टि की - कॉंग्रेस
रिपोर्ट विनोद विरोधी
गया, बिहार।
एन डी ए गठबंधन के सहयोगी हम ( से ) के संरक्षक,सुप्रीमो, संस्थापक, गयाजी के सांसद व केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी ने गयाजी जिला के मोहनपुर में पार्टी के एक समारोह में उन्होंने हम ( से) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उनके पार्टी के टिकारी विधानसभा क्षेत्र से 2008 वोट से हारे उम्मीदवार के बारे में उन्होंने कहा कि अगर वे उन्हें पहले बताते तो मैं उन्हें जिलाधिकारी से कहकर जीता देते।जैसे मैंने 2020 के विधानसभा चुनाव में जब हमारे पार्टी का एक उम्मीदवार 2700 वोट से चुनाव हार रहा था, उसे मैं उस समय के तत्कालीन जिलाधिकारी जो अभी त्रिपुरा में पोस्टेड है,उसे जब मैं फोन किया तो उन्होंने हमारे प्रत्याशी को 1600 वोट से जीता दिया था वाला बयान वोट चोरी, वोट बेईमानी की पूर्ण रूपेण पुष्टि करती है।
उपर्युक्त बातें बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मो खान अली, जिला कॉंग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, प्रद्युम्न दुबे, दामोदर गोस्वामी, धर्मेंद्र कुमार निराला, शिव कुमार चौरसिया, विपिन बिहारी सिन्हा विशाल कुमार, कुंदन कुमार, आदि ने कहा कि श्री मांझी द्वारा दिया गया बयान से यह प्रमाणित हो गया कि किस प्रकार सत्ता पक्ष के लोग जिला निर्वाची पदाधिकारियों को अपने हाथ की कठपुतली बना कर चुनाव जीतते आ रही है।सन 2020 के चुनाव में दोनों गठबंधन के बीच केवल 13,500 वोट का तथा 07 सीटों का अन्तर था, उस समय गया के तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक सिंह थे,जो अभी त्रिपुरा में पोस्टेड है।
नेताओं ने श्री मांझी द्वारा दिए गए सार्वजानिक मंच से इस प्रकार के संगीन बातें कहने की न्यायिक जांच कराने तथा सभी बातों की सत्यता की जांच कराने की मांग महामहिम राष्ट्रपति से कराने की मांग की है।