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धार्मिक / Mar 29, 2024

जुमा की नमाज़ अदा कर मांगी अमन सलामती की दुआ।

माह-ए-रमज़ान का तीसरा जुमा। 

सैय्यद फरहान अहमद 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

 माह-ए-रमज़ान के तीसरे जुमा की नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिदों में काफी भीड़ उमड़ी। सभी ने मस्जिदों में जुमे की नमाज़ अदा की। क्या बड़े और क्या छोटे सभी अल्लाह की इबादत में पलके बिछाए दिखे और 18वां रोजा रखकर अपनी आस्था प्रदर्शित की। रोजेदार रोज़ा रख कर अल्लाह की दी हुई नेमत का शुक्रिया अदा करने में जुटे रहे। माह-ए-रमज़ान के तीसरे जुमे की नमाज़ छोटी बड़ी सभी मस्जिदों में पूरी दुनिया में अमनो सलामती की दुआ के साथ अदा की गई। घरों में महिलाओं ने इबादत की।

मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने रमज़ान, जकात, फित्रा, शबे कद्र, एतिकाफ के फजाइल बयान किए। कहा कि अल्लाह ने रमज़ान में इंसानों की रहनुमाई के लिए कुरआन-ए-पाक नाजिल किया। इस माह में सदका व खैरात का बड़ा महत्व है। जकात, सदका-ए-फित्र गरीब तबके के कल्याण और सेवा के लिए किया जाता है। लिहाजा जल्द से जल्द जकात, सदका-ए-फित्र अदा कर अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में मौलाना महमूद रज़ा कादरी ने कहा कि मग़फिरत का अशरा रुखसत होने वाला है। इसके बाद जहन्नम से आज़ादी का अशरा शुरु होगा। जिसके शुरु होते ही मस्जिदों में दस दिनों का एतिकाफ भी शुरु हो जाएगा। अंतिम अशरे की ताक रात (21, 23, 25, 27 व 29) में शबे कद्र को पाने के लिए बंदे पूरी रात इबादत करेंगे।

सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि इस माह-ए-मुबारक में अल्लाह की रहमत खुलकर अपने बंदों पर बरसती है। इंसानों की हिदायत के लिए रमज़ान में ही कुरआन-ए-पाक नाजिल हुआ। पैग़ंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रमज़ान में अपनी इबादत बढ़ा दिया करते थे। आप दिन भर रोज़ा रखते व रात भर इबादत में गुजारते थे।

गौसिया जामा मस्जिद मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी ने कहा कि रमज़ान का दूसरा खत्म होने वाला है। हमें अल्लाह से अपने गुनाहों की रो-रो कर माफ़ी मांगनी चाहिए। रमज़ान का तीसरा अशरा जहन्नम की आग से अल्लाह की पनाह मांगने का है। तीसरे अशरे में शबे कद्र जैसी अज़ीम नेमत है। जिसमें इबादत करने पर बहुत ज्यादा सवाब मिलता है। रमज़ान के अंतिम दस दिन का एतिकाफ करना पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत है। 

सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद, दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल में मुफ्ती मुनव्वर रज़ा, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मो. असलम, मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी आदि ने जुमा की नमाज़ पढ़ाई। इसके अलावा शहर की सभी मस्जिदों के इमाम ने जुमा का ख़ुत्बा दिया व नमाज़ पढ़ाई। तकरीरों में रमज़ान के फजाइल बयान किए गए। पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम व अहले बैत पर सलातो-सलाम का नज़राना पेश किया गया। शाम को सबने मिलकर इफ्तार किया। बाजार में ईद की खरीदारी जारी है।


Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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