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धार्मिक / Mar 20, 2024

रमज़ान सब्र का महीना और सब्र का बदला जन्नत है - मौलाना जहांगीर

सैय्यद फरहान 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह के इमाम मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहा कि जिस्म और रूह से मिलकर इंसान बना है। यूं तो साल भर इंसान खाना-पीना और जिस्मानी व दुनियावी जरूरतों का ख्याल रखता है, लेकिन मिट्टी के बने इंसान में असल चीज तो उसकी रूह होती है अल्लाह ने रूह की तरबियत और पाकीज़गी के लिए माह-ए-रमज़ान बनाया है। आज हम एक ऐसे दौर से गुजर रहें हैं जहां इंसानियत दम तोड़ती नज़र आ रही है और खुदगर्जी हावी हो रही है। ऐसे में माह-ए-रमज़ान का महीना इंसान को अपने आप के अंदर झांकने और खुद की खामियों को दूर कर नेक राह पर चलने का मौका देता है। अल्लाह भी इबादत गुजार रोजेदार बंदे को बदले में रहमतों और बरकतों से नवाजता है। यह महीना सब्र का है और सब्र का बदला जन्नत है।

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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