सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा हो तो रोज़ा छोड़ सकती है गर्भवती महिला - उलमा किराम
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर शनिवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। उलमा किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया।
1. सवाल : हामिला (गर्भवती) महिला के लिए रोज़े का क्या हुक्म है? (शाइस्ता, रसूलपुर)
जवाब : अगर हामिला (गर्भवती) महिला को रोज़ा रखने की वजह से खुद की या बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा हो तो रोज़ा छोड़ने की इजाज़त है। हां बाद में इनकी क़ज़ा करना ज़रूरी है। (मुफ्ती अख़्तर हुसैन)
2. सवाल : रोजे की हालत में आंख में दवा डालना कैसा? (दानिश, मियां बाजार)
जवाब : रोज़े की हालत में आंख में दवा डालना जायज़ है, इससे रोजा नहीं टूटेगा, अगरचे उसका जायका हलक में महसूस हो। (मुफ्ती अजहर)
3. सवाल : रोज़े की हालत में जख्म पर मरहम या दवा लगा सकते हैं? (नदीम, सूरजकुण्ड)
जवाब : हां। लगा सकते हैं। (मौलाना जहांगीर)
4. सवाल : इंजेक्शन के ज़रिए खून निकाला या चढ़ाया गया तो वुजू टूट जाएगा? (मेहताब, खूनीपुर)
जवाब : हां। वुजू टूट जाएगा। (मौलाना मोहम्मद अहमद)