एक अच्छा मुसलमान वही है जो समाज के लिए फायदेमंद हो : कारी अनस नक्शबंदी
-जामिया अल इस्लाह एकेडमी में स्पेशल समर क्लासेज का समापन ।
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ में तीन दिवसीय स्पेशल समर क्लासेज का समापन हुआ। मुख्य वक्ता कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि एक अच्छा मुसलमान वही है जो दीन-ए-इस्लाम, परिवार व समाज के लिए फायदेमंद हो। इस्लाम में सामाजिक जिम्मेदारी का दायरा केवल व्यक्तिगत इबादत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता और समाज के कल्याण तक फैला हुआ है। इसमें सभी इंसानों के साथ न्याय, दयालुता और भलाई करने पर अत्यधिक बल दिया गया है। समाज के हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो, के साथ समान और न्यायपूर्ण व्यवहार करना एक बुनियादी कर्तव्य है। कुरआन और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं के अनुसार किसी भी निर्दोष को नुकसान पहुंचाना या किसी का हक मारना सख्त मना है। अपनी कमाई का एक हिस्सा (जकात) निकालकर गरीबों, विधवाओं और असहायों की मदद करना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। इसके अलावा स्वेच्छा से सदका देना भी समाज से गरीबी मिटाने में मदद करता है। इस्लाम में पड़ोसियों के अधिकारों का बहुत ध्यान रखा गया है। चाहे पड़ोसी मुस्लिम हो या गैर-मुस्लिम, उनके सुख-दुख में साथ खड़े होना, उनकी जरूरतों का ध्यान रखना और उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ न देना हर मुसलमान का कर्तव्य है।
विशिष्ट वक्ता सना परवीन ने कहा कि परिवार समाज की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई है। माता-पिता की बुढ़ापे में सेवा करना, रिश्तेदारों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना और अपने बच्चों की सही परवरिश करना एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है। समाज में अच्छाई को बढ़ावा देना और बुराइयों को रोकने का प्रयास करना, शांतिपूर्ण और सुखी समाज के लिए जरूरी माना गया है। इस्लाम में पर्यावरण की रक्षा, पानी की बर्बादी रोकने और बेजुबान जानवरों पर जुल्म न करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार एक अच्छा इंसान वही है जो अपने व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाए।
समर क्लासेज में अली अहमद, आसिफ महमूद, आयशा खातून, शीरीन आसिफ, बेलाल अहमद, हाफिज आरिफ रजा, फरीदा खातून, अर्जुमंद बानो, अदीबा अंसारी, गुलफशा खातून, फरहीन, फरहत, आयशा आबिद, यासमीन अख्तर, नाजिया खातून, साफिया, सैयदा यासमीन, हस्सान आसिफ सहित तमाम बच्चे मौजूद रहे।