आपदा प्रबंधन विभाग निष्क्रिय,प्रचंड ठंड में भी क्या अलाव की व्यवस्था नहीं होगी ?
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
जिला में पड़ रहे प्रचंड ठंड, पछिया हवा का चलने से लोग कपकपाहट,थरथरी से झुझ रहे हैं,बीमार पडने के कारण अस्पतालों में अपारभीड़ लग गई है,रोगियों का इलाज होना संभव नहीं हो पा रहा है, रोगियों की संख्याअधिक होने के कारणअस्पताल प्रशासन भी चरमरा गया है,मगर जिला काआपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन चैन की नींद सो रहा है।भीषण ठंड से ग्रसितआम जनता का कहना है कि जिला काआपदा प्रबंधन विभाग मुकदर्शक बनकर रुक रोगियों का नजारा देख रहा है,
इसके बाद भी इस विभाग का आंख नहीं खुल रही है,कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है, जब रोगियों का मौत का सिलसिला शुरू हो जाएगा, तब जिला प्रशासन/जिला का आपदा प्रबंधन विभाग के आंख खुलने की संभावना बनेगी,तब तक यह भीषण ठंड कई लोगों के जीवनलीला समाप्त कर देगी,तब जाकर आपदा प्रबंधन विभाग उपाय कर कर क्या करेगा। जिला में, विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों जो ठंड की स्थिति बनी हुई है,औरआने वाले दिनों में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी इसका आकलन जिला काआपदा प्रबंधन विभाग को शायद मालूम नहीं है,या मालूम करना नहीं चाहता है,सब कुछ जानते हुए भी बहरा बना हुआ है,सरकार के द्वारा प्रतिवर्ष आवंटित आपदा राशि शायद विभाग को नहीं मिली है, इसलिए विभाग इस संबंध में कोई अगला कदम नहीं उठा रहा है,आम जनता ठंड से प्रभावित हो रहे हैं,विभिन्न प्रकार के रोग से ग्रसित हो रहे हैं,मगर विभाग है कि मौन बना हुआ है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं है, और न ही आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा कंबल का वितरण किया जा रहा है।
जिला में ठंड पढ़ते हुए लगभग 15 दिन से अधिक हो रहा है,मगर जिला प्रशासन के द्वारा कहीं भीअलाव की व्यवस्था नहीं की गई है,और नहीं कंबल का वितरण किया जा रहा है।जिला में कड़की की ठंड और शीत लहर से जीवनअस्तव्यस्त हो गया है,
जो जहां है वहीं स्थिर हो गया है। जिला में अधिकतम तापमान 18 डिग्रीऔर न्यूनतम11डिग्री रह रहा है, साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक 225 तक पहुंच गया है,जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जाता है।
इस प्रचंड ठंड में गरीब,राहगीर मजदूर,वंचित वर्ग के लोग, अपंग,बेसहारा,जरूरतमंद, गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले लोग ठंड की बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।
जिला में किसी चौक चौराहे, बस स्टैंड,रेलवे स्टैंड,रेनबसेरा अस्पताल,सार्वजनिक स्थान पर अभी तक जिलाआपदा प्रबंधन विभाग/जिला प्रशासन के द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है,जो खेदजनक है।