महाराष्ट्र नगरपालिका नगरपालिका चुनाव में भाजपा का दबदबा, सहयोगी दलों का भी मजबूत प्रदर्शन।
अन्वर कादरी
छत्रपती संभाजीनगर, औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
महाराष्ट्र में विभिन्न नगरपरिषदों और नगरपंचायतों के नगराध्यक्ष चुनावों के नतीजे घोषित हो गए हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे अधिक सीटों पर जीत दर्ज करते हुए अपना वर्चस्व कायम रखा है। वहीं शिंदे गुट, अजित पवार गुट, शरद पवार गुट, कांग्रेस, शेकाप और अन्य स्थानीय व क्षेत्रीय आघाड़ियों ने भी कई स्थानों पर सफलता हासिल की है।
भाजपा ने चंदगड, अनगर, जामनेर, दोंडाईचा, मेढा, आटपाडी, तळेगाव, म्हसवड, वाई, जिंतूर, सावंतवाडी, गेवराई, देवळाली प्रवरा, अक्कलकोट, धामणगाव, पेण, सासवड, मंगळवेढा, तुळजापूर, वैजापूर, अंबरनाथ सहित अनेक नगरपरिषदों और नगरपालिकाओं में नगराध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिंदे गुट ने हातकणंगले, मुखेड, कळमनुरी, पालघर, मालवण, विटा, चिपळूण, डहाणू, पैठण, सिल्लोड, माथेरान, बुलढाणा, खोपोली सहित कई नगरपालिकाओं में सफलता पाई।
अजित पवार गुट ने औसा, गंगापूर, जेजुरी, इंदापूर, पाचगणी, भोर, गंगाखेड, रोहा, वडगांव मावळ, महाबळेश्वर सहित कई स्थानों पर जीत हासिल की। वहीं शरद पवार गुट ने उरण और उरूण ईश्वरपूर में नगराध्यक्ष पद अपने नाम किया।
कांग्रेस ने राजापूर, खुलताबाद और कन्नड में जीत दर्ज की, जबकि शेकाप ने अलिबाग नगरपरिषद में सफलता पाई। मराठवाड़ा जनहित पार्टी ने धर्माबाद और बिलोली नगरपंचायतों में जीत हासिल की। इसके अलावा जनसुराज्य शक्ती पक्ष, स्वाभिमानी विकास आघाड़ी, शहर विकास आघाड़ी और स्थानीय पैनलों ने भी कुछ नगरपालिकाओं में नगराध्यक्ष पद जीते।
इन नतीजों से साफ है कि शहरी स्थानीय निकायों में भाजपा और महायुति गठबंधन का प्रभाव मजबूत बना हुआ है, वहीं विपक्ष और क्षेत्रीय दल भी कई क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहे हैं। चुनाव परिणामों के बाद संबंधित नगरपालिकाओं में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।