पूर्व महापौर अब्दुल रशीद मामू ठाकरे गुट में शामिल, शिवसेना को मिला मुस्लिम चेहरा।
अनवर कादरी
छत्रपती संभाजीनगर औरंगाबाद, महाराष्ट्र।
महानगर पालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच शहर की सियासत में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। पूर्व महापौर अब्दुल रशीद मामू ने शिवसेना (ठाकरे गुट) में शामिल होकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। इस प्रवेश के साथ शिवसेना को एक अहम मुस्लिम चेहरा मिला है।
पूर्व महापौर अब्दुल रशीद मामू ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों शिवबंधन बांधकर औपचारिक रूप से पार्टी में प्रवेश किया। यह कार्यक्रम विधान परिषद में विपक्ष के नेता रहे अंबादास दानवे की मौजूदगी में संपन्न हुआ। मामू के साथ उनके कई समर्थक भी शिवसेना में शामिल हुए।
महानगर पालिका चुनाव की बहती बयार के बीच नेताओं के ठिकाने बदलने की चर्चाएं पहले से ही गर्म हैं। ऐसे में रशीद मामू का ठाकरे गुट में जाना भी इसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि, इस पक्षप्रवेश के दौरान शिवसेना के उपनेता चंद्रकांत खैरे की गैरमौजूदगी ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक हलकों में इसे उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर, अब्दुल रशीद मामू के शिवसेना में शामिल होने से आगामी महानगर पालिका चुनाव में समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है और शहर की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।