भूमि अधिग्रहण और किसानों की जबरिया अधिग्रहण के खिलाफ गोलबंद होने लगे किसान।
किसानों का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिलेगा-माले
रिपोर्ट: विनोद विरोधी
गया, बिहार।
विकास के नाम पर रैयतों-पर्चाधारियों की जबरिया जमीन छीनने की प्रशासन-सरकार की साजिश के खिलाफ किसान गोलबंद होंगेऔर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।गरीबों किसानों-मजदूरों को झांसा देकर वोट लेकर सरकार बनाने वाली मोदी-नीतीश सरकार की बुलडोजर-पुलीसिया राज और जबरिया भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जनता चुप नही बैठेगी। जिले के डोभी प्रखंड के खरांटी पंचायत के पूरे मौजे की करीब दो हजार एकड़ से भी अधिक जमीन को अमृतसर-कोलकाता लॉजेस्टिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में दलाल बिचौलिया और भ्रष्ट अधिकारी मालामाल हो रहे है।वहीं आम किसानों को मुआवजा देने के बजाय टाल-मटोल कर रहे है। जिसे किसान बर्दास्त नही करेगा और धारावाहिक आंदोलन करने का संकल्प लिया है।
उक्त बातें भाकपा माले जिला सचिव निरंजन कुमार गांगी सामुदायिक भवन में सम्बोधित करते हुए कहा। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव बालेश्वर यादव सह गुरारू उत्तरी के जिला परिषद् सदस्य ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार सामंती-पूँजीपति और कॉरपोरेट घरानो के लिए किसानों से जमीन छीन रही है।भागलपुर पीरपैती में 1050 एकड़ बहुफसली जमीन एक रूपया प्रति एकड़ देकर किसका भला कर रहें हैं।
बैठक में यह प्रस्ताव लिया कि आगामी 23 दिसम्बर को जिलाधिकारी से किसानों का प्रतिनिधिमंडल मिलकर अपनी मांगो को रखेगी।तत्पश्चात अनिश्चितकालीन सत्याग्रह किया जायेगा।बैठक में भाकपा माले नेता रामलखन प्रसाद, भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति के अध्यक्ष ईश्वरी यादव,अनिल, कुमार, बाबूराम प्रसाद, विजय कुमार, उपेंद्र यादव पूर्व सरपंच,, मनोरमा देवी, सुमन देवी, मुंशी यादव आदि शामिल थे।