किताबें ज्ञान का सबसे बड़ा स्रोत : डॉ. शगुफ्ता मरियम
एसटी चिल्ड्रेन की इकरा फातिमा बनीं ओपन बुक कॉम्पिटिशन की विजेता।
किताबें तन्हाई की दोस्त हैं - कारी अनस नक्शबंदी
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
रसूलपुर स्थित एसटी (सैयद तसनीम) चिल्ड्रेन एकेडमी में ओपन बुक कॉम्पिटिशन (द स्टोरी ऑफ हजरत अबू बकर व हजरत उमर) के विजेताओं को इनाम व प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कॉम्पिटिशन में पहला स्थान इकरा फातिमा ने, दूसरा स्थान आयशा खातून और तीसरा स्थान निदा खालिद, असफिया खातून व तबस्सुम ने हासिल किया। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. शगुफ्ता मरियम अब्बासी ने बच्चों को पुरस्कृत किया।
बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि किताबें ज्ञान का सबसे बड़ा स्रोत हैं। आप इतिहास, विज्ञान, कला, दर्शन और लगभग किसी भी अन्य विषय के बारे में सीख सकते हैं। पढ़ना आपकी शब्दावली, आलोचनात्मक सोच कौशल और एकाग्रता को बेहतर बनाने में मदद करता है। किताबें ज्ञान का भंडार हैं जो हमारे सोचने के तरीके को बदल सकती हैं। एक अच्छी किताब में खो जाना तनाव कम करने और आराम करने का एक शानदार तरीका है।
कॉम्पिटिशन के संयोजक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि किताबें तन्हाई की दोस्त हैं क्योंकि वह अकेलेपन में साथी बनकर ज्ञान, रोमांच और सांत्वना प्रदान करती हैं। किताबें आपको अकेला नहीं छोड़ती हैं। वह आपको एक बेहतर इंसान बनने, दुनिया को देखने का नया नजरिया देने और अपनी कल्पना शक्ति को बढ़ाने में मदद करती हैं। आप किताबों के जरिए ढ़ेर सारा ज्ञान हासिल कर सकते हैं, जो आपको अधिक समझदार बनाता है। किताबों से दोस्ती शुरू करने के लिए आप अपनी रुचि के विषयों से शुरुआत कर सकते हैं। आप सीरतुन्नबी, सीरते सहाबा, सीरते अहले बैत, उपन्यास, कहानी या फिर छोटी कहानियों का चुनाव कर सकते हैं। जितना अधिक आप पढ़ेंगे, उतना ही अधिक आपको फायदा हासिल होगा।
इस मौके पर कौसर तसनीम, आसिफ महमूद नक्शबंदी, सैयद रेहान तसनीम, राजन श्रीवास्तव, आलिया परवीन, गुलफिशां अंजुम, गुल रुख जबीं, गुलशन आरा, अनम फातिमा, सैयदा आबिद, शहनवाज सिद्दीकी, अनअमता, जवेरिया रियाज, अलमा अकरम, जीनत, उम्मे सलमा, सदफ नसरीन आदि लोग मौजूद रहे।