मुसलमानो के घरों पर बुलडोजर चलाकर हिंदुओं को खुश करने का चलन खतरनाक है-संजय सिंह
"रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो" पदयात्रा अब 31 अक्टूबर को प्रयागराज से शुरू होकर 15 नवंबर को अयोध्या में समाप्त होगी: संजय सिंह(आप सांसद)
*रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो" पदयात्रा से जुड़ने के लिए जारी नंबर 7500040004 पर मिस्ड कॉल देकर आंदोलन से जुड़ें: संजय सिंह
बरेली घटनाक्रम पर 16-सदस्यीय टीम का ऐलान; सामाजिक अन्याय व दमन के खिलाफ संजय सिंह हुए हमलावर।
पेपर लीक ने नौजवानों का भविष्य छीना, बुलडोज़र राजनीति से असली मुद्दे दबाए जा रहे हैं: संजय सिंह
जीएसटी वन नेशन, वन टैक्स नहीं बल्कि वन नेशन, मल्टीप्ल टैक्स बन गया है: संजय सिंह
सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
आम आदमी पार्टी 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर प्रयागराज से अयोध्या तक “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा शुरू करने जा रही है। यह पद 200 किलोमीटर की होगी और 15 नवंबर को अयोध्या में समाप्त होगी। पार्टी ने बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण के हनन, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को इस यात्रा का मुख्य आधार बनाया है। आप नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में जनता से अपील की कि वे इस जनआंदोलन से जुड़ें और अपनी आवाज बुलंद करें।
*यात्रा का नेतृत्व और अपील*
यह यात्रा प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में होगी। आयोजन समिति की अध्यक्षता सभाजीत सिंह करेंगे, जबकि समिति में जनक प्रसाद, दिनेश पटेल, इमरान लतीफ, विनय पटेल, पवन तिवारी और श्रद्धा चौरसिया शामिल हैं। संजय सिंह ने अपील करते हुए कहा की छात्र-युवा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मनरेगा मजदूर, ओल्ड पेंशन की मांग करने वाले लोग और समाज का हर वर्ग इस यात्रा का हिस्सा बने। जुड़ने के लिए मिस्ड कॉल नंबर 75000 40004 जारी किया गया है।
*बेरोजगारी और पेपर लीक पर प्रहार*
संजय सिंह ने कहा कि प्रयागराज, जिसे आज “बेरोजगारों की मंडी” कहा जाता है, से यात्रा की शुरुआत इसीलिए की जा रही है क्योंकि यहाँ लाखों युवा पेपर लीक की घटनाओं से त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि सिपाही, दरोगा, लेखपाल, एसएससी और पीसीएस-जे जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता पेट काटकर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है, तो उनके सपने चकनाचूर हो जाते हैं। उन्होंने प्रयागराज में बेरोजगारी से तंग आकर एक युवक द्वारा आत्महत्या करने की घटना का भी ज़िक्र किया। संजय सिंह ने कहा कि जो शिक्षक नौकरियां कर रहे हैं उन पर भी संकट है, नियमित शिक्षकों से 52 53 साल की अवस्था में टीईटी पास करने को कहा जा रहा है, नहीं तो उनकी मान्यता समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही, इसलिए उन्हें “नफरत की राजनीति” में उलझाकर असली मुद्दों से भटका रही है।
*सामाजिक न्याय और आरक्षण पर हमला*
संजय सिंह ने बांदा विश्वविद्यालय और लखीमपुर खीरी के सहकारी बैंक की भर्ती और मुसलमानों को टारगेट करके कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा कि नफ़रत की राजनीति और आरक्षण की व्यवस्था की खुली अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह संविधान और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों का अपमान है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण आबादी के अनुपात में बढ़ाया जाए और जाति आधारित जनगणना कराई जाए ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि आज आरक्षण पर हमला सिर्फ दलित-पिछड़ों का नहीं बल्कि पूरे संविधान पर हमला है।
*बरेली की घटना पर*
संजय सिंह ने बरेली की घटना को सरकार की साजिश बताया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बरेली की घटना, बेरोजगारी, लद्दाख, उत्तराखंड और एसएससी आंदोलनों जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए की गई। आप सांसद ने घटना की जांच के लिए पूर्व विधायक और यूपी के सह प्रभारी दिलीप पांडे की अगुवाई में एक 16 सदस्य टीम को आगामी 7 अक्टूबर को बरेली भेजने की बात कही। इस टीम में पश्चिमी प्रांत के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, रुहेलखंड प्रांत के अध्यक्ष हैदर भाई, बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, ओबीसी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष छवि यादव, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नीलम यादव, यूथ विंग के अध्यक्ष पंकज अवाना, किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक कमांडो, तिरंगा शाखा प्रमुख जनक प्रसाद, सुनीता गंगवार, राम सिंह मौर्य, फैसल खान लाला, अंसार भाई, नदीम अशरफ जायसी, सरबजीत सिंह मक्कड़ आदि शामिल है।
*कानून-व्यवस्था और बुलडोज़र राजनीति*
संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और “बुलडोज़र बाबा” की राजनीति से जनता का ध्यान बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि बिना नोटिस और मुआवजे के गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना हो रही है। उन्होंने बनारस, सुल्तानपुर, अयोध्या, दिल्ली और अब बरेली की बुलडोज़र कार्रवाई को बीजेपी के मानसिक दिवालिएपन का उदाहरण बताया। संजय सिंह ने कहा कि 5-10% मुसलमानों पर कार्रवाई दिखाकर 90% हिंदुओं को उजाड़ा जा रहा है ताकि प्राइम लोकेशन की ज़मीन पूंजीपति मित्रों को सौंप दी जा सके। उन्होंने कहा कि मुसलमानो के घरों पर बुलडोजर चलाकर हिंदुओं को खुश करने का चलन खतरनाक है।
*मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना*
*बचत उत्सव बनाम चपत उत्सव*
प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने केन्द्र सरकार की हालिया "बचत उत्सव" घोषणाओं पर भी तीखा हमला किया उन्होंने बचत उत्सव को चपत उत्सव बताते हुए कहा कि केन्द्र की नीतियों से महँगाई बढ़ाने, कच्चे माल पर टैक्स लगाने और जनता पर आर्थिक बोझ पड़ा है। उनका कहना है कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां डीज़ल और पेट्रोल पर 80% टैक्स वसूला जाता है। उन्होंने जीएसटी व नोटबंदी जैसे बड़े दावों को विफल बताते हुए कहा कि जनहित के वायदों में जनता को लाभ नहीं मिला और बड़ी रकम वसूली गई। ये बातें उन्होंने केन्द्र सरकार की नीतियों पर तीखे आलोचनात्मक स्वर में रखीं।
*जीएसटी*
संजय सिंह ने कहा कि जीएसटी को लागू करते समय इसे दूसरी आजादी और आर्थिक क्रांति बताया गया था, लेकिन यह वन नेशन, वन टैक्स नहीं बल्कि वन नेशन, मल्टीप्ल टैक्स बन गया है। उन्होंने कहा कि 8 साल तक इस देश की जनता से जीएसटी के नाम पर 127 लाख करोड रुपए लूटे गए।
अंत में आप सांसद संजय सिंह ने सोनम वांगचुक पर की गई कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की।
आम आदमी पार्टी के पार्षद प्रत्याशी कुंजबिहारी निषाद की हत्या पर उन्होंने बोला कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार का बयान बदलवाया और कोई मुआवजा अभी तक नही दिया और नही तो उनका उल्टे पुलिसिया उत्पीड़न हो रहा है मैं इस मामले को पुरजोर तरीके उठाऊंगा।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव एवं जिला प्रभारी प्रवीण कुमार यादव भी उपस्थित रहे।