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Wed, 22 Apr 2026 06:51 PM
धार्मिक / Mar 22, 2024

इफ्तार की दुआ रोज़ा खोलने के बाद पढ़नी चाहिए - उलमा किराम

सैय्यद फरहान अहमद 

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। 

1. सवाल : इफ्तार की दुआ कब पढ़नी चाहिए? (शहाबुद्दीन, छोटे काजीपुर)

जवाब : इफ्तार की दुआ रोज़ा खोलने के बाद पढ़नी चाहिए। पहले बिस्मिल्लाह करके रोज़ा खोल लें इसके बाद इफ्तार की दुआ पढ़ें। (मौलाना जहांगीर अहमद)

2. सवाल : क्या जिस्म के किसी हिस्से से खून निकलने से रोज़ा टूट जाता है? (अली हसन, अहमदनगर)

जवाब : नहीं महज़ खून निकलने से रोज़ा नहीं टूटता। हां अगर मुंह से खून निकला और हलक के नीचे उतर गया तो रोज़ा टूट जाएगा। (मुफ्ती मेराज)

3. सवाल : क्या ज़कात के पैसों से इफ्तार करा सकते हैं? (सेराज, गाजी रौजा)

जवाब : नहीं ज़कात के पैसों से इफ्तार नहीं करा सकते हैं। हां उन पैसों से राशन वगैरा खरीद कर किसी ग़रीब को मालिक बना दें तो ज़कात अदा हो जाएगी। (मुफ्ती अख्तर)

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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