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धार्मिक / Apr 06, 2023

क़र्ज़ दी गई रकम पर जकात फ़र्ज़ है - उलमा किराम

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश। 

तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। 

1. सवाल : क्या क़र्ज़ दी गई रकम पर जकात है? (ताबिश, गाजी रौजा)

जवाब : जी, जकात फ़र्ज़ है। (मुफ्ती अख़्तर हुसैन)

2. सवाल : क्या नमाज़े तरावीह में देख कर क़ुरआन पढ़ सकते हैं? (सैयद ओसामा, घोसीपुर)

जवाब : नहीं इस तरह पढ़ने से नमाज़ नहीं होगी। (कारी मो. अनस)

3. सवाल : रोज़े की हालत में आंसू अगर मुंह में चला जाए तो? (मकसूद, इस्लाम चक)

जवाब: अगर आंसू की बूंद सिर्फ मुंह में गई थी कि थूक दिया तो रोज़ा नहीं टूटेगा और अगर हलक में उतर गई तो टूट जाएगा। (मुफ्ती मो. अजहर)

Jr. Seraj Ahmad Quraishi
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