न्यायालय ने रामनगर थाना अध्यक्ष के विरुद्ध लिया संज्ञान,अनुसंधान अधूरा।
शहाबुद्दीन अहमद
बेतिया, बिहार।
स्थानीय व्यवहार न्यायालय के पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश,रंजन कुमार रैना ने,नाबालिक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के 12 वर्ष पूर्व एक मामले मेंअनुसंधान पूरा नहीं करने,कार्य में लापरवाही बरतने के घोरआरोप में, नाराजगी व्यक्त करते हुए रामनगर थानाअध्यक्ष के विरुद्ध रामनगर थाना कांड संख्या 251/14 में संज्ञान लिया है। न्यायालय सूत्रों से संवाददाता को पता चला है कि नाबालिक बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने और मानव तस्करी जैसे अति संवेदनशील मामले के आरोप में 10 नवंबर 2014 को पीड़िता के आवेदन पर,भा भादवि की धारा, 376/363/420/406 के
साथ पोक्सो एक्ट की धारा 5
के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन 12 वर्षों की बीत जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा अनुसंधान पूरी नहीं की गई,न्यायाधीश के द्वारा यह माना गया है कि पुलिस के द्वारा इस काम को करने में पूरी तरह लापरवाही बरती गई है। न्यायाधीश ने रामनगर थाना प्रभारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 211 के तहतअपराधिक संज्ञान लिया है। न्यायालय ने अपनी जड़ी आदेश में न्यायाधीश ने रामनगर थाना प्रभारी को आखरी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि आगामी 15 जून 2026 को हर हाल में न्यायालय में उपस्थित होकरअपना पक्ष रखे, यदि निश्चित समय पर उपस्थित नहीं होते हैं कि यह समझ जाएगा कि उनको इसके विरुद्धअपने बचाव में कुछ नहीं करना है,कुछ नहीं कहना है तो उनके विरुद्ध एकतरफा कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।