उष्मा लहर से बचाव के लिए नागरिक सतर्क रहें; जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइडलाइन जारी।
ब्यूरो चीफ सैय्यद अनवर कादरी
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)महाराष्ट्र।
आगामी दिनों में गर्मी बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों के लिए उष्मा लहर (हीट वेव) से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बढ़ते तापमान का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए सभी नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
क्या करें?
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो, हर आधे घंटे में पानी लेते रहें।
बाहर निकलते समय सिर को ढकने के लिए छाता या टोपी का उपयोग करें।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे, शटर और सनशेड का उपयोग करें।
रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें।
हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
यात्रा के दौरान अपने साथ पीने का पानी जरूर रखें।
धूप में काम करते समय सिर, गर्दन और चेहरे को ढकें।
शरीर में पानी की कमी होने पर ORS, लस्सी, आम पना, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करें।
कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर या अत्यधिक पसीना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पशुओं को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी दें।
काम के स्थान पर ठंडे पानी की व्यवस्था करें।
गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
क्या न करें?
तेज धूप में अधिक मेहनत वाला काम न करें।
शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय से बचें।
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें।
अधिक प्रोटीनयुक्त और बासी भोजन का सेवन न करें।
बच्चों या पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में न छोड़ें।
गहरे रंग और तंग कपड़े पहनने से बचें।
अधिक गर्मी में शारीरिक श्रम न करें।
गर्मी के समय रसोई में काम करने से बचें और हवा के लिए दरवाजे-खिड़कियां खुली रखें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और खुद के साथ अपने परिवार की भी सुरक्षा सुनिश्चित करें।