Fri, 06 Mar 2026 01:48 PM
धार्मिक / Mar 05, 2026

रमजान में बेपनाह बरकत और रहमत - मुजफ्फर हसनैन

जामिया अल इस्लाह एकेडमी में दीनी बाल संगोष्ठी 

सैय्यद फरहान अहमद

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

जामिया अल इस्लाह एकेडमी, नौरंगाबाद, गोरखनाथ में मासिक दीनी बाल संगोष्ठी हुई। कुरआन-ए-पाक की तिलावत कर नात-ए-पाक पेश की गई। 

मुख्य वक्ता वरिष्ठ शिक्षक मुजफ्फर हसनैन रूमी ने कहा कि इस्लामी बारह महीनों में रमजान को सबसे ज्यादा अहमियत हासिल है, क्योंकि अल्लाह ने अपने बंदों के लिए रमजान में बेपनाह बरकत और रहमत अता की है। रमजान हर ऐतबार से खास है कि बंदा परहेजगार बन जाए। तकवा अख्तियार कर ले, क्योंकि जब इंसान के अंदर डर पैदा हो जाता है तो वह हलाल व हराम की तमीज करने लगता है। यह महीना बंदे को तमाम बुराइयों से दूर रखकर अल्लाह के करीब होने का मौका देता है। इस माह में रोजा रखकर रोजेदार न केवल खाने-पीने कि चीजों से परहेज करते हैं बल्कि तमाम बुराइयों से भी परहेज कर अल्लाह की इबादत करते हैं। अल्लाह को राजी करने का महीना है रमजान।

विशिष्ट वक्ता शिक्षक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि रमजान में कोई शख्स किसी नेकी के साथ अल्लाह का करीबी बनना चाहे तो उसको इस कदर सवाब मिलता है गोया उसने फर्ज अदा किया। जिसने रमजान में फर्ज अदा किया उसको सवाब इस कदर है गोया उसने रमजान के अलावा दूसरे महीनों में सत्तर फर्ज अदा किए। यह एक ऐसा महीना है कि जिसमें मोमिन का रिज्क बढ़ा दिया जाता है। जो इसमें किसी रोजेदार को इफ्तार कराए तो उसके गुनाह माफ कर दिए जाते हैं और उसकी गर्दन जहन्नम की आग से आजाद कर दी जाती है। 

अंत में दरूद ओ सलाम पढ़कर मुल्क की तरक्की, पूरी दुनिया में अमन ओ अमान की दुआ मांगी गई। संगोष्ठी में वरिष्ठ शिक्षक आसिफ महमूद, अली अहमद, आयशा खातून, शीरीन आसिफ, सना खातून, सैयदा यासमीन, आरजू अर्जुमंद, गुल अफ्शा, अदीबा, फरहीन, मंतशा, सना, आफरीन, नाजिया खातून, फरहत, यासमीन अख्तर, आयशा, तानिया अख्तर सहित तमाम लोग मौजूद रहे।


Jr. Seraj Ahmad Quraishi
1

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap