मेहनत से ही बड़े सपने पूरे होते हैं - अब्दुल अहद हुसैन
इस्लामिया गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज में बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर चर्चा।
कामयाबी के लिए चाहिए मेहनत और धैर्य का संतुलन- आसिफ महमूद
सैय्यद फरहान अहमद
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
यूपी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर इस्लामिया गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज, जाहिदाबाद गोरखनाथ में इंटरमीडिएट की छात्राओं की रहनुमाई की गई। अल कलम एसोसिएशन की ओर से दो दिवसीय 'आओ करें, परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम के अंतिम दिन कामयाबी के टिप्स दिए गए।
मुख्य वक्ता साइंस ब्रेन एकेडमी के संस्थापक वरिष्ठ शिक्षक अब्दुल अहद हुसैन ने कहा कि कामयाबी के लिए मेहनत बहुत जरूरी है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। मेहनत एकमात्र रास्ता है जो आपको धैर्य, लगन और निरंतर प्रयासों से लक्ष्य तक पहुंचाता है। यह सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक अनुशासन और सही दिशा में दिमागी काम भी है, क्योंकि मेहनत से ही बड़े सपने पूरे होते हैं और व्यक्तित्व निखरता है। मेहनत के बिना मिली सफलता क्षणिक होती है। सच्ची और स्थायी सफलता सिर्फ अपने प्रयासों से ही मिलती है। हर दिन छोटे-छोटे कदम उठाना और लगातार कोशिश करना ही असंभव को संभव बनाता है।
जामिया अल इस्लाह एकेडमी के संचालक आसिफ महमूद ने कहा कि मेहनत आपको आत्म-अनुशासित बनाती है, चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती है और आपके अंदर स्पष्ट सोच विकसित करती है। अवसर भाग्य से नहीं, बल्कि मेहनत से बनते हैं। मेहनती लोग समस्याओं से घबराते नहीं, बल्कि उनसे लड़कर आगे बढ़ते हैं। मेहनत एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें धैर्य और निरंतरता जरूरी है। सही दिशा में सही योजना बनाना और उसे लागू करना भी महत्वपूर्ण है। जब आप किसी मजबूत उद्देश्य के लिए जीते हैं, तो मेहनत एक जरूरत बन जाती है। कामयाबी के लिए सिर्फ चाहत नहीं, बल्कि मेहनत, दुआ और धैर्य का संतुलन चाहिए। मेहनत आपको आपके लक्ष्य तक ले जाती है और आपको एक बेहतर इंसान बनाती है।
अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्या शम्सा अंसारी ने कहा कि छोटे लक्ष्य निर्धारित करने से उन्हें पूरा करना आसान होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। एक अच्छा माहौल न केवल आपको अधिक पढ़ने में मदद करता है, बल्कि सीखी हुई बातों को लंबे समय तक याद रखने में भी सहायक होता है। लक्ष्य की ओर हर दिन छोटे कदम बढ़ाना सफलता की कुंजी है। जब मोटिवेशन कम होने लगे, तब अनुशासन ही आपको काम पर लगाए रखता है।
संचालन करते हुए अल कलम एसोसिएशन के कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत, निरंतरता और सही दिशा की आवश्यकता होती है। पढ़ाई के लिए घर का एक कोना निश्चित करें जहां शोर कम हो। अपनी टेबल को साफ रखें। केवल वही किताबें और स्टेशनरी सामने रखें जिनकी उस समय जरूरत हो। प्राकृतिक रोशनी सबसे अच्छी होती है। यदि आप रात में पढ़ रहे हैं, तो अच्छी गुणवत्ता वाले स्टडी लैम्प का उपयोग करें। पढ़ते समय अपने मोबाइल को बंद कर दें। ऐसी कुर्सी का चुनाव करें जो आपकी पीठ को सहारा दे। बिस्तर पर लेटकर पढ़ने से बचें, क्योंकि इससे नींद आ सकती है और एकाग्रता कम होती है। बिना योजना के मेहनत करना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है।
कार्यक्रम में मकसूद अहमद अंसारी, मंतशा परवीन, सना, रूद्रावती सिंह, फहमीदा बानो, शीरीन सेराज, नाजिया शगुफ्ता, महमूद आलम, सकीना बेगम, मसर्रत जहां, सोनी गुप्ता, रफील, शबनम, अफसाना, राबिया सहित तमाम छात्राएं शामिल हुईं।
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