दो दिवसीय उर्से निजामी अगया में 23 व 24 अक्टूबर को।
शैलेश पाण्डेय
संत कबीरनगर, उत्तर प्रदेश।
भारत के प्रसिद्ध सूफी बुजुर्ग व इस्लामिक विद्वान हजरत सूफी मुहम्मद निजामुद्दीन बरकाती का 13 वां उर्स 23 व 24 अक्टूबर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सेमरियावां ब्लाक क्षेत्र के गांव अगया स्थित खानकाहे निजामिया पर आयोजित किया गया है।
हजरत सूफी मोहम्मद निजामुद्दीन कादिरी बरकाती एक बड़े आलिम-ए-दीन इस्लामी जगत के आध्यात्मिक नेता और सूफी बुजुर्ग के रूप में प्रसिद्ध थे। देश के विभिन्न प्रांतों,एवं विभिन्न देशों में उनके अनुयाई बड़ी संख्या में मौजूद हैं।हर वर्ष उनका वार्षिक उर्स भव्य रूप में खानकाहे कादिरीया बरकातीया निजामीया अगया शरीफ में मनाया जाता है, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
दरगाह प्रमुख के पुत्र तथा आल इंडिया बज्मे निजामी के जनरल सेक्रेटरी मौलाना जियाउल मुस्तफा निजामी ने बताया कि 23 अक्टूबर बृहस्पतिवार को सुबह में फजर की नमाज के बाद सूफी साहब - की मजार पर कुरआन ख्वानी के साथ ही उर्स का कार्यक्रम शुरू होगा। दोपहर जोहर की नमाज के बाद मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला शुरू होगा और देर शाम तक चलेगा। रात में इशा की नमाज के बाद निजामी कान्फ्रेंस का आयोजन ताज उल मशाइख अमीन ए मिल्लत हजरत प्रोफेसर सय्यद मोहम्मद अमीन कादरी बरकती सज्जादा नशीन खान काहे बरकातीया मारहरा शरीफ के संरक्षण और हजरत अल्लामा सूफी मोहम्मद हबीबुर रहमान रजवी सज्जादा नशीन खान काहे निजामिया अगया शरीफ की अध्यक्षता में किया जाएगा।
जिसमें देश के कई बड़े इस्लामिक विद्वान प्रतिभाग करेंगे।24 अक्टूबर शुक्रवार की सुबह में 08:00 बजे मजार पर कुल शरीफ के आयोजन के बाद उर्स का कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा।