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Sat, 30 May 2026 08:24 AM

हिंदुस्तान सिंदूर को संरक्षण एवं सिंदूर की रक्षा के लिए प्राण देने वाला देशi- रामगोविन्द चौधरी

धनंजय शर्मा

बलिया. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि हिंदुस्तान सिंदूर को संरक्षण देने वाला देश है. सिन्दूर की रक्षा के लिए प्राण देने वाला देश है. उन्होंने कहा है कि सिन्दूर के प्रति अति संवेदनशील इस महान देश के भीतर सिन्दूर के आपरेशन की बात करना इस देश का, सनातन धर्म का और हिन्दू समाज का अपमान हैं. डबल इंजन की सरकार और उसकी पार्टी यह अपमान नहीं करे.शनिवार को अपने आवास पर जुटे पत्रकारों और समाजवादी साथियों से बातचीत में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, उत्तरप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना के पराक्रम की भूरी भूरी प्रसंशा की और पहलगाम तथा उसे लेकर हुए युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी को लेकर सम्पूर्ण देश सरकार के साथ था, है और रहेगा. उन्होंने कहा कि युद्ध विराम के बाद सरकार का दायित्व है कि इसे लेकर देश में जो भी हिंदुस्तानी जूझ गए हैं, उन्हें शहीद का दर्जा दे, उनके परिजनों को नौकरी दे, जिन बेटी, बहनों की मांगों के सिन्दूर पुछ गए हैं, उन्हें भरपूर आर्थिक सहायता दे और ताउम्र उनके हर दुख सुख में साथ खड़े होने का भरोसा दे.

सपा के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने कहा कि शहीद का दर्जा जो सबसे अधिक जरूरी है, सरकार उन्हें वह नहीं दे रही है. दे क्या रही है, सिन्दूर का आपरेशन. उन्होंने कहा कि सिंदूर कोई फोड़ा फुंसी नहीं है जिसका आपरेशन सरकार करने जा रही है. इस देश में सिंदूर सोहाग का वह प्रतीक है जो नहीं होने पर स्त्री को वह संज्ञा मिल जाती है जो ईश्वर किसी को न दे.सपा के राष्ट्रीय सचिव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार इस बात को समझे कि देश के भीतर सिन्दूर के आपरेशन की नहीं. जरूरत सिन्दूर के संरक्षण की है, जो सरकार नहीं दे पा रही है, जिसे लेकर चारो तरफ त्राहि त्राहि की स्थिति व्याप्त है.सपा के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि सनातन धर्म जिसे हम हिन्दू धर्म भी कहते हैं, में सिंदूर दान जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण संस्कार है. अपने समाज और परिवार के समक्ष अग्नि को साक्षी मानकर वैदिक विधि विधान से इस समाज का बेटा वर के रूप में इसे दान करता है और बेटी दुल्हन के रूप में इसे ग्रहण करती है. इस संस्कार के बाद ही विवाह सम्पन्न माना जाता है.

उन्होंने कहा कि हमारे समाज में सिन्दूर दान ईश्वरीय व्यवस्था मानी जाती है. इसे केवल इसी जन्म का नहीं, पिछले और अगले जन्म, जन्मों के रिश्ते के रूप में स्वीकार किया जाता है.सपा के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि ऐसे पावन और महत्वपूर्ण सिन्दूर को झुण्ड के हवाले करना किसी भी तरह से उचित नहीं है. यह सनातन धर्म का, इसे मानने वाले हिन्दू समाज का और देश का घोर अपमान है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार, देश को एक दूसरे के विपरीत खींचने वाले इंजनों की सरकार देने वाली पार्टी और इस तरह के डबल इंजन की सरकार के निर्माता अडानी, अम्बानी और उनके गिरोह के समस्त समूहों को भी यह सच समझना चाहिए और इस अपमान को रोकना चाहिए।

Karunakar Ram Tripathi
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