Tranding
Sat, 28 Feb 2026 10:38 PM

जीविका की बदौलत बदलते बिहार की खूबसूरत यादों के साथ विदा हुई अधिकारियों की टीम..

हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के प्रतिभागियों ने फिल्मों में देखी थी अलग छवि, हकीकत से रूबरू होने के बाद अलग खुशी का हुआ एहसास

ब्यूरो चीफ अंजुम शहाब की रिपोर्ट मुज़फ्फरपुर बिहार।

बिहार आने से पहले बिहार के बारे में बहुत गलत छवि थी, जब मैं बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचा तो यहां विकास के नए आयाम गढ़ते जीविका दीदियों को देखकर काफी खुशी हुई। लगभग इसी तरह की बातें बिहार से बाहर रहने वाले सभी प्रतिभागियों ने कही ।विदित हो कि एसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल की परीक्षा पास करने के बाद देश के कई राज्यों से प्रशिक्षण के लिए पिछले पांच दिनों तक 36 एएसओ की टीम मुजफ्फरपुर में जीविका के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने आई थी ।दिल्ली के दुष्यंत तोमर ने कहा कि अपने घर वालों को जव बिहार के विकास के बारे में बताया तो उन्हें आश्चर्य हुआ। बिहार में इतनी तेजी से महिलाओं की बदौलत विकास हो रहा है। सड़क और बिजली पानी के साथ शानदार होटल और यहाँ के लोगों का आतिथ्य देखकर सब अचरज में पड़ गये। जी हां कुछ ऐसी ही मीठी यादों को सँजो कर विपार्ड द्वारा आयोजित सहायक अनुभाग अधिकारियों की टीम अपने प्रशिक्षण के आखिरी दिन मुजफ्फरपुर से गया के लिए रवाना हुई। पहली बार बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे प्रशिक्षु जो पंजाब हरियाणा और दिल्ली के रहने वाले थे उन्होंने कुछ ऐसी ही बातें अपनी डीब्रीफिंग सेशन में जीविका के अधिकारियों के सामने रखी ।गांव में घूम-घूम कर जीविका की गतिविधियों के साथ ही सरकार की अन्य योजनाओं की जमीनी हकीकत से रूबरू होने के बाद सभी अधिकारी काफी खुश दिखे । वही बागपत से आए विजय कुमार और मुजफ्फरनगर के विवेक चौधरी ने भी बिहार की बदलती छवि के बारे में लोगों से चर्चा की । हिमांशु जिंदल जो हरियाणा से आए थे उन्होंने कहा कि बिहार को मजदूर सप्लाई के लिए ही बाहर में लोग जानते थे लेकिन यहां आकर जाना कि क्यों हर शहर से आईएएस और आईपीएस में बिहारी छात्रों का चयन ज्यादा होता है ।स्कूल में बच्चों से मिलने के बाद उनके आत्मविश्वास को देखकर दिल को काफी तसल्ली हुई। बनारस की रहने वाली तमन्ना अग्रवाल ने कहा कि बनारस में रहकर बिहार को जानती तो थी लेकिन गांव में इस कदर विकास हो रहा है यह देखकर बिहार की एक अलग छवि लेकर लौट रही हूँ। गुरुवार को प्रशिक्षण सत्र के आखिरी दिन जीविका की तरफ से डीब्रीफिंग सेशन में सभी को गिफ्ट के साथ विदाई दी गई । सभी प्रतिभागियों ने जीविका और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया ।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक अनिशा ने कहा कि जीविका ने बिपार्ड से आए सभी प्रशिक्षण अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीडबैक जाना ।जिसमें उनके द्वारा बिहार के प्रति बदलते छवि के बारे में भी बताया गया। साथ ही जीविका द्वारा महिलाओं के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बात भी कही गई । सरकार की सभी योजनाओं का समायोजन जीविका के माध्यम से बिहार में अच्छी तरह से हो रहा है । इस दौरान कई प्रशिक्षुओं ने पहली बार बिहार के गांव में जाकर लोगों से बातचीत की और सरकार की सभी योजनाओं के बारे में जाना तो उन्हें बिहार की एक अलग छवि दिखाई दी ।जो शायद फिल्मों में कुछ अलग ही दिखाई जाती है। इस अवसर पर आयोजित डीब्रीफिंग सेशन में संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार, उज्जवल कुमार, कुणाल कुमार सिंह, कुणाल किशोर , कुणाल मिश्रा,आनंद शंकर ,गुंजन कुमार मोहम्मद अमानुल्लाह के साथ ही सरैया में कृषि संयंत्र की जानकारी देने के लिए सरैया के बीपीएम नागेंद्र कुमार ,प्रीति कुमारी ,सोनम कुमारी ,चुनचुन कुमार सहित कई जीविका कर्मी और सर्वोत्तम सीएलएफ की कई दीदियाँ उपस्थित थी।

Karunakar Ram Tripathi
132

Leave a comment

logo

Follow Us:

Flickr Photos

© Copyright All rights reserved by Bebaak Sahafi 2026. SiteMap